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25-07-2009

भोजपुरी वर्णमाला (देवनागरी लिपि)

कृपया ध्यान दें- भोजपुरी वर्णमाला विशेषकर हिंदी के समान ही है।


स्वर एवं उसकी मात्रा अ, आ (ा), इ (ि), ई (ी), उ (ु), ऊ (ू), ए (े), ऐ (ै), ओ (ो), औ (ौ), अं (ं)


नोट :- 1. हिंदी के आधार पर देखें तो भोजपुरी में अधिकांश शब्दों में ै, ो इन स्वर चिन्हों के स्थान पर इन (ै के लिए एवं ो के लिए ) स्वरों का ही प्रयोग होता है अगर ये स्वर चिन्ह (ै, ो) उस शब्द के एकदम अंतवाले व्यंजन पर न लगे हों। जैसे- जइसे, पइसा, कइसा, जइसा, चउका, मउसा, मउसी (हिंदी- जैसे, पैसा, कैसा, जैसा, चौका मौसा, मौसी)


2. ृ (ऋ) के लिए रि का प्रयोग होता है। जैसे- कृपया, ऋतु (हिंदी- किरपया, रितु)


व्यंजन- क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, स, ह, त्र (तिर्)


3. भोजपुरी में विशेषकर क्ष के लिए छ, ष के लिए ख या स, त्र के लिए तिर, ज्ञ के लिए ग्य का प्रयोग होता है और हाँ ण के लिए न ही आता है। पर एक बात याद रखें संस्कृतनिष्ठ शब्दों कभी-कभी बिना बदलाव के लिखा जाता है और उसमें क्ष, त्र, ज्ञ आदि अपने मूल रूप में आ जाते हैं।

कुछ उदाहरण देखें-

1.ग्यानी, छमा, तिरसूल, पुरान (हिंदी- ज्ञानी, क्षमा, त्रिशूल, पुराण)

2. खटकोन, कोस (हिंदी- षटकोण, कोष या कोश)


नोट- भोजपुरी में क़, ख़, ज़, फ़ जैसे अरबी वर्णों का प्रयोग नहीं होता।


-प्रभाकर पाण्डेय


1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

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